शनिवार, 10 अप्रैल 2021

आले गौस-ऐ-पाक (गौस पाक के वंशज) खजराना तशरीफ़ लाऐं

आले गौस-ऐ-पाक (गौस पाक के वंशज)
 खजराना तशरीफ़ लाऐं....
✍ जावेद शाह खजराना (लेखक)

फैजाने नूरी हजरत हाजी अब्दुल गफ़्फ़ार मुल्तानी बाबा के पहले उर्स के मौके पर आज खजराना स्थित एहमद नगर की ज़ामिया फ़ातेमा मस्जिद में फातेहा और ख़िलाफ़त की रस्म अदायगी हुई।
इस खास मौके पर पीराने पीर दस्तगीर 
हजरत गौस पाके रह0 के गद्दीनशीन शहज़ादे सैयद जैद मियां ज़िलानी जैदी रह0 अपने बड़े भाई हजरत शाहबनूर मियां जिलानी के साथ ख़ुसूसी तशरीफ़ लाए।
इस यादगार मौके पर गौस पाक की औलादों ने दुआएँ खैर की औऱ कोरोना में ऐहतियात रखने की तजविश की।
 हाजी गफ़्फ़ार नूरी बाबा के नवासे जनाब मोहम्मद ओवेस नूरी शम्शी साहब को सनद देकर नूरी ख़िलाफ़त से नवाज़ा। 
इस ऐतिहासिक घड़ी का मैं फ़कीर जावेद शाह भी गवाह बना। गौस पाक की औलादों का दीदार नसीब हुआ।
इस मौके पर ज़ामिया फ़ातेमा मदरसा के फाउंडर जनाब मोहम्मद शाहिद नूरी साहब के साथ भारत समाचार के एडीटर जनाब फ़रहान कपाड़िया भी मौजूद थे। 
 
फ़रहान साहब ने जैसे ही मेरा परिचय हजरत से करवाया हजरत ने बोला- " शाह हमारी निगाहों से बच नहीं सकते।  शाह तो हमारे ख़ास है " 
 हजरत के मुबारक अल्फ़ाज़ सुनकर दिल खुश हो गया।
 क्योंकि मेरे बुजुर्ग हजरत मदार शाह रह0 ने हजरत गौस पाक को देखा था। आज उनकी औलादों से मिलकर मुझे 
बहुत खुशी हुई। 

हमारा एहमद नगर मोहल्ला हजरत गौस पाक की औलादों के क़दम-ऐ-मुबारक से बरकत वाला हो गया।
मस्जिद नूर से भर गई । घर-गलियां बरकतों वाली हो गई।
 शाहिद नूरी भाई के घर वसीम नूरी भाई के साथ आले गौसे पाक की मेज़बानी करने का मौका भी मिला। 
  शुक्रिया :- मोहम्मद शाहिद नूरी साहब

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें